सरूपगंज कस्बे में ईद मिलादुन्नबी पर शानो-शौकत के साथ निकाला जुलूस ए मोहम्मदी
सरूपगंज कस्बे में ईद मिलादुन्नबी पर शानो-शौकत के साथ निकाला जुलूस ए मोहम्मदी
जुलुस मे हाथो मे झंडा लहराते ओर बुलंद नारे लगाकर चाल रागे थे मुस्लिम समाज के लोग
कस्बे में जुलूस के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस जाप्ता तैनात रहा और पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया। जगह-जगह समाज के लोगों द्वारा पानी, खीर, शरबत, चॉकलेट और नियाज़ का वितरण किया गया। वहीं, विभिन्न स्थानों पर जुलूस का पुष्पवर्षा के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
मुस्लिम समाज के सदर हाजी मुश्ताक अहमद नागौरी ने बताया कि जुलूसे मोहम्मदी सुबह 9 बजे कस्बे की जामा मस्जिद से रवाना हुआ। जुलूस मकरानी गली, पुरानी टॉकीज रोड, सदर बाजार, सुभाष सर्किल, गरबा चौक, झंडा गली, होली चौक और मुस्लिम मोहल्ले की विभिन्न गलियों से होता हुआ पुनः जामा मस्जिद पहुँचा।
जुलूस के बाद सरूपगंज मुस्लिम समाज की ओर से थाना अधिकारी कमल सिंह राठौड़, नायब तहसीलदार भावरी नेनाराम मीणा, सरपंच प्रतिनिधि प्रभुराम चौधरी, एएसआई नरेंद्र सिंह, युवा कांग्रेस अध्यक्ष भुवनेश मीणा, कांग्रेस मंडल अध्यक्ष दीपक अग्रवाल सहित समाजसेवियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पत्रकारों और वरिष्ठ मुस्लिम समाज के लोगों का साफा व माला पहनाकर इस्तकबाल किया गया।
सरूपगंज जामा मस्जिद के पेश इमाम दिन मोहम्मद कादरी साहब ने सलाम के बाद बुलंद आवाज में कहा:
> “मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिंदी हैं हम, वतन है हिंदुस्तान हमारा।
इस्लाम मोहब्बत का पैगाम देता है। यह उत्सव सम्पूर्ण मानवता को एकता के सूत्र में बांधने की सीख देता है। नबी-ए-पाक ने हमें मोहब्बत और भाईचारे का संदेश दिया है। ईद मिलादुन्नबी मोहब्बत और अमन का पैगाम है।”
इस दौरान हिंदुस्तान की तरक्की, अमन-चैन और भाईचारे के लिए खास दुआएँ की गईं। दुआ के बाद मुस्लिम समाज की ओर से आम दावत का आयोजन किया गया, जिसमें मौजूद सभी लोगों ने दावत का आनंद लिया।
पूर्व संध्या पर हुआ जलसा : -
इससे एक दिन पूर्व रविवार रात को जामा मस्जिद के समीप जलसे का आयोजन किया गया। इसमें औलमाओं और मदरसा के बच्चों ने नबी-ए-पाक की शान में कलाम पेश किए।
इस मौके पर उपस्थित रहे
मुस्लिम समाज सदर हाजी मुश्ताक अहमद नागौरी, नायब सदर नूर मोहम्मद, पूर्व सदर जमाल खान मूसला, पूर्व सदर फकीर मोहम्मद, सिकंदर खान बलोच, सलीम खान मूसला काछोली, अख्तर खान फौजदार, पत्रकार आरिफ पठान, मुख्तियार खान मकरानी, शाबिर कुरैशी, अयूब खान पठान, नजीर मकरानी, सलीम खान पठान, गुलमुल्लाह खान पठान, असलम खान मकरानी, मोहसिन खान फौजदार सहित भारी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग उपस्थित रहे।
( Admin - Liyakat Ali Mansuri )
( Admin - Liyakat Ali Mansuri )




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